Best Bseb Class 10th Non Hindi Tu Zinda Hai To Chap 1
BSEB Class 10th 'तू जिन्दा है तो' - शंकर शैलेन्द्र की प्रेरणावादी कविता
बिहार बोर्ड (BSEB) हिंदी साहित्य - Non-Hindi Stream के लिए संपूर्ण अध्ययन सामग्री
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प्रेरणावादी काव्य
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कविता के बारे में जानकारी
'तू जिन्दा है तो' शंकर शैलेन्द्र द्वारा रचित एक प्रसिद्ध प्रेरणावादी कविता है। यह कविता मानव जीवन की कठिनाइयों का सामना करने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की प्रेरणा देती है।
कवि परिचय - शंकर शैलेन्द्र
- जन्म: 13 अगस्त 1923
- मूल नाम: शंकरदास केसरी
- प्रमुख कार्य: गीतकार, कवि और साहित्यकार
- विषय: सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय भावना और जनवादी विचार
कविता की मुख्य विशेषताएं
- जीवन के संघर्षों का यथार्थवादी चित्रण
- मानवीय मूल्यों और स्वाभिमान का उदात्त संदेश
- सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय भावना
- सरल किंतु प्रभावी काव्य भाषा
Q 1
'तू जिन्दा है तो' कविता में कवि कौन हैं?
✓ सही उत्तर: B
कवि शंकर शैलेन्द्र ने 'तू जिन्दा है तो' कविता की रचना की। वे प्रसिद्ध गीतकार, कवि और साहित्यकार थे जिन्होंने सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय भावना को अपनी रचनाओं में प्रकट किया।
Q 2
कवि मनुष्य को कैसा जीवन जीने की प्रेरणा देता है?
✓ सही उत्तर: A
कवि मनुष्य को हौसले और उत्साह से भरपूर जीवन जीने की प्रेरणा देता है। कविता का मूल संदेश जीवन के प्रति सकारात्मक और साहसिक दृष्टिकोण रखना है।
Q 3
कैसा व्यक्ति जिन्दा माना जाता ह��?
✓ सही उत्तर: C
स्वाभिमानी व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में जिन्दा माना जाता है। कविता स्वाभिमान को जीवन का आधार मानती है और आत्मसम्मान के साथ जीने की प्रेरणा देती है।
Q 4
कवि शैलेन्द्र देशवासियों को क्यों संगठित होने की बात करते हैं?
✓ सही उत्तर: A
कवि देशवासियों को आजादी प्राप्ति के लिए संगठित होने की प्रेरणा देते हैं। यह कविता राष्ट्रीय चेतना और सामूहिक संघर्ष का संदेश देती है।
Q 5
विनाश के बाद क्या होता है?
✓ सही उत्तर: A
विनाश के बाद नवनिर्माण होता है। यह जीवन का चक्र है - पुराने का नाश और नए का निर्माण। कविता इसी सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रकट करती है।
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📖 संपूर्ण उत्तर कुंजी 💪
Q1. 'तू जिन्दा है तो' कविता में कवि कौन हैं?
✓ B - शंकर शैलेन्द्र
शंकर शैलेन्द्र एक प्रसिद्ध गीतकार, कवि और साहित्यकार थे जिन्होंने सामाजिक चेतना को अपनी रचनाओं का विषय बनाया।
✓ B - शंकर शैलेन्द्र
शंकर शैलेन्द्र एक प्रसिद्ध गीतकार, कवि और साहित्यकार थे जिन्होंने सामाजिक चेतना को अपनी रचनाओं का विषय बनाया।
Q2. कवि मनुष्य को कैसा जीवन जीने की प्रेरणा देता है?
✓ A - हौसले और उत्साह पूर्ण
कवि मनुष्य को हौसले और उत्साह से भरपूर जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
✓ A - हौसले और उत्साह पूर्ण
कवि मनुष्य को हौसले और उत्साह से भरपूर जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
Q3. कैसा व्यक्ति जिन्दा माना जाता है?
✓ C - स्वाभिमानी
स्वाभिमानी व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में जिन्दा माना जाता है। स्वाभिमान जीवन का आधार है।
✓ C - स्वाभिमानी
स्वाभिमानी व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में जिन्दा माना जाता है। स्वाभिमान जीवन का आधार है।
