📖 ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से रामधारी सिंह दिनकर | Important Mcq
ईर्ष्या: तु न गई मेरे मन से (29 प्रश्न)
ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से रामधारी सिंह दिनकर महत्वपूर्ण
Question 1 of 29
रामधारी सिंह दिनकर' द्वारा रचित पाठ है-
✅ Correct Answer: (A) ईर्ष्याः तू न गई मेरे मन से
व्याख्या: 'ईर्ष्या: तू न गई मेरे मन से' रामधारी सिंह दिनकर का प्रसिद्ध रोचक निबंध है जो मानव मन की कमजोरियों पर टिप्पणी करता है।
Question 2 of 29
रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं
✅ Correct Answer: (D) कवि
व्याख्या: रामधारी सिंह 'दिनकर' हिंदी के राष्ट्रकवि थे। वे कवि, निबंधकार और विचारक तीनों थे।
Question 3 of 29
रामधारी सिंह 'दिनकर' का जन्म हुआ
✅ Correct Answer: (C) बिहार में
व्याख्या: रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया गांव में 1908 में हुआ था।
Question 4 of 29
'यार, ये तो बाजार की मक्खियाँ हैं जो अकारण हमारे चारों ओर भिनभिनाया करती हैं' यह पंक्ति है
✅ Correct Answer: (C) नीत्से की
व्याख्या: यह उक्ति जर्मन दार्शनिक नीत्शे (Nietzsche) की है जिसे लेखक ने ईर्ष्या के संदर्भ में उद्धृत किया है।
Question 5 of 29
वकील साहब
✅ Correct Answer: (B) परोपकारी है
व्याख्या: निबंध में वकील साहब ईर्ष्यालु व्यक्ति के उदाहरण हैं जो पड़ोसी की सफलता से जलते रहते हैं।
Question 6 of 29
ईर्ष्या कौन करता है?
✅ Correct Answer: (D) उपर्युक्त तीनों
व्याख्या: ईर्ष्यालु व्यक्ति दूसरों का सुख नहीं देख सकता, उन्हें हानि पहुंचाता है और स्वयं भी सुख-संतोष से वंचित रहता है।
Question 7 of 29
इर्ष्या का संबंध होता है
✅ Correct Answer: (C) भाई-बहनों से
व्याख्या: ईर्ष्या मुख्यतः अपने प्रतिद्वंदियों या समकक्ष लोगों से होती है, विशेषकर जो हमारे क्षेत्र में सफल हों।
Question 8 of 29
लेखक के अनुसार 'निंदा' की माँ है
✅ Correct Answer: (A) ईर्ष्या
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि निंदा की माँ ईर्ष्या है। ईर्ष्यालु व्यक्ति ही दूसरों की निंदा करता है।
Question 9 of 29
'तुम्हारी निंदा वही करेगा, जिसकी तुमने भलाई की है।'-किसने कहा?
✅ Correct Answer: (C) लेखक ने
व्याख्या: यह व्यंग्यपूर्ण उक्ति लेखक दिनकर ने कही है जो मानव स्वभाव की विडंबना को दर्शाती है।
Question 10 of 29
'ईर्ष्याःतू न गई मेरे मन से' शीर्षक पाठ किसकी रचना है?
✅ Correct Answer: (B) रामधारी सिंह 'दिनकर'
व्याख्या: यह निबंध रामधारी सिंह दिनकर की रचना है जो मानव मनोविज्ञान पर गहरी टिप्पणी करता है।
Question 11 of 29
"ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से' शीर्षक पाठ गद्य की कौन-सी विधा है?
✅ Correct Answer: (D) रोचक निबंध
व्याख्या: यह एक रोचक और विचारात्मक निबंध है जो हास्य-व्यंग्य के साथ गंभीर विषय पर लिखा गया है।
Question 12 of 29
वकील साहब क्यों सुखी नहीं है?
✅ Correct Answer: (B) ईर्ष्या वश
व्याख्या: वकील साहब अमीर होने के बाद भी सुखी नहीं हैं क्योंकि वे अपने पड़ोसी की सफलता से ईर्ष्या करते रहते हैं।
Question 13 of 29
किसे लेखक ने अनोखा वरदान कहा है?
✅ Correct Answer: (A) ईर्ष्या को
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यपूर्वक ईर्ष्या को 'अनोखा वरदान' कहा है क्योंकि यह मनुष्य को स्वयं जलाती है।
Question 14 of 29
कौन ईर्ष्या की बड़ी बेटी है?
✅ Correct Answer: (C) निंदा
व्याख्या: लेखक ने कहा है कि निंदा ईर्ष्या की बड़ी बेटी है। ईर्ष्यालु व्यक्ति हमेशा दूसरों की निंदा करता है।
Question 15 of 29
कौन चिता के समान है?
✅ Correct Answer: (B) ईर्ष्या
व्याख्या: ईर्ष्या चिता (श्मशान की आग) के समान है जो सबसे पहले उसी व्यक्ति को जलाती है जिसके मन में जन्म लेती है।
Question 16 of 29
'ईर्ष्यां तू न गई मेरे मन से' शीर्षक पाठ में कहा गया है जिसे किसी प्रचंड चिंता ने पकड़ लिया है, उस बेचारे को जिन्दगी हो
✅ Correct Answer: (C) खराब हो जाती है
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि जिसे ईर्ष्या या चिंता जैसी प्रचंड भावना ने पकड़ लिया, उसका जीवन नरक बन जाता है।
Question 17 of 29
सही-संतुलित जीवन के प्रति एक दृष्टिकोण विकसित करने को सीख किस शीर्षक पाठ से मिलती है?
✅ Correct Answer: (D) ईर्ष्या: तू न गई मेरे मन से
व्याख्या: यह निबंध हमें ईर्ष्या से मुक्त होकर संतुलित और सुखी जीवन जीने का दृष्टिकोण सिखाता है।
Question 18 of 29
किनके विभव की वृद्धि से वकील साहब का कलेजा जलता है?
✅ Correct Answer: (C) बीमा एजेंट की
व्याख्या: वकील साहब के पड़ोसी बीमा एजेंट की संपत्ति बढ़ने से उनका कलेजा जलता है और वे ईर्ष्या से परेशान रहते हैं।
Question 19 of 29
किसी व्यक्ति के पतन का कारण क्या होता है?
✅ Correct Answer: (C) झूठ बोलना
व्याख्या: सद्गुणों (अच्छे गुणों) का ह्रास किसी भी व्यक्ति के पतन का मुख्य कारण होता है। ईर्ष्या भी एक दुर्गुण है।
Question 20 of 29
"ईर्ष्या : तू न गई मेरे मन से निबंध में हृदय पर देश के दाह को कौन भांगता है?
✅ Correct Answer: (C) ईर्ष्यालु व्यक्ति
व्याख्या: ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने हृदय पर देश (जलन/दाह) को अपने ही हाथों से भड़काता रहता है।
Question 21 of 29
ईर्ष्या को क्या कहा गया है
✅ Correct Answer: (D) अनोखा वरदान
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यात्मक रूप से ईर्ष्या को 'अनोखा वरदान' कहा है क्योंकि यह सबसे पहले स्वयं को ही जलाती है।
Question 22 of 29
नेपोलियन भी स्पर्धा करता था-
✅ Correct Answer: (B) सीजर से
व्याख्या: महान सम्राट नेपोलियन भी रोमन सम्राट सीजर (Julius Caesar) से स्पर्धा करता था।
Question 23 of 29
हमें नहीं होना चाहिए-
✅ Correct Answer: (C) ईर्ष्यालु
व्याख्या: हमें ईर्ष्यालु नहीं होना चाहिए क्योंकि यह हमारे जीवन को नरक बना देती है और सुख-शांति नष्ट करती है।
Question 24 of 29
'ईर्ष्या तु न गई मेरे मन से पाठ के लेखक हैं-
✅ Correct Answer: (A) रामधारी सिंह दिनकर
व्याख्या: इस निबंध के लेखक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर हैं।
Question 25 of 29
ईर्ष्या सबसे पहले किसे जलाती है -
✅ Correct Answer: (A) जिसके हृदय में उसका जन्म हो
व्याख्या: ईर्ष्या सबसे पहले उसी व्यक्ति को जलाती और कष्ट देती है जिसके हृदय में इसका जन्म होता है।
Question 26 of 29
रामधारी सिंह दिनकर का जन्म हुआ?
✅ Correct Answer: (C) बिहार में
व्याख्या: दिनकर का जन्म बिहार के मुंगेर जिले में 1908 में हुआ था।
Question 27 of 29
निंदा है?
✅ Correct Answer: (C) ईर्ष्या की बड़ी बेटी का नाम
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यपूर्वक कहा है कि निंदा ईर्ष्या की बड़ी बेटी है - जहाँ ईर्ष्या है वहाँ निंदा अवश्य होती है।
Question 28 of 29
लेखक रामधारी सिंह दिनकर के घर के बगल में कौन रहता है?
✅ Correct Answer: (A) वकील
व्याख्या: लेखक के घर के बगल में एक वकील साहब रहते हैं जो निबंध में ईर्ष्यालु व्यक्ति के उदाहरण हैं।
Question 29 of 29
लेखक रामधारी सिंह दिनकर के रोचक निबन्ध ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से में किस पर टिप्पणी की गई है
✅ Correct Answer: (C) रोजमर्रा के व्यवहार पर
व्याख्या: इस निबंध में रोजमर्रा के जीवन और मानवीय व्यवहार में पाई जाने वाली ईर्ष्या पर गहरी टिप्पणी की गई है।
📋 Complete Answer Key
Q1. रामधारी सिंह दिनकर' द्वारा रचित पाठ है-
Answer: (A) ईर्ष्याः तू न गई मेरे मन से
व्याख्या: 'ईर्ष्या: तू न गई मेरे मन से' रामधारी सिंह दिनकर का प्रसिद्ध रोचक निबंध है जो मानव मन की कमजोरियों पर टिप्पणी करता है।
Answer: (A) ईर्ष्याः तू न गई मेरे मन से
व्याख्या: 'ईर्ष्या: तू न गई मेरे मन से' रामधारी सिंह दिनकर का प्रसिद्ध रोचक निबंध है जो मानव मन की कमजोरियों पर टिप्पणी करता है।
Q2. रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं
Answer: (D) कवि
व्याख्या: रामधारी सिंह 'दिनकर' हिंदी के राष्ट्रकवि थे। वे कवि, निबंधकार और विचारक तीनों थे।
Answer: (D) कवि
व्याख्या: रामधारी सिंह 'दिनकर' हिंदी के राष्ट्रकवि थे। वे कवि, निबंधकार और विचारक तीनों थे।
Q3. रामधारी सिंह 'दिनकर' का जन्म हुआ
Answer: (C) बिहार में
व्याख्या: रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया गांव में 1908 में हुआ था।
Answer: (C) बिहार में
व्याख्या: रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया गांव में 1908 में हुआ था।
Q4. 'यार, ये तो बाजार की मक्खियाँ हैं जो अकारण हमारे चारों ओर भिनभिनाया करती हैं' यह पंक्ति है
Answer: (C) नीत्से की
व्याख्या: यह उक्ति जर्मन दार्शनिक नीत्शे (Nietzsche) की है जिसे लेखक ने ईर्ष्या के संदर्भ में उद्धृत किया है।
Answer: (C) नीत्से की
व्याख्या: यह उक्ति जर्मन दार्शनिक नीत्शे (Nietzsche) की है जिसे लेखक ने ईर्ष्या के संदर्भ में उद्धृत किया है।
Q5. वकील साहब
Answer: (B) परोपकारी है
व्याख्या: निबंध में वकील साहब ईर्ष्यालु व्यक्ति के उदाहरण हैं जो पड़ोसी की सफलता से जलते रहते हैं।
Answer: (B) परोपकारी है
व्याख्या: निबंध में वकील साहब ईर्ष्यालु व्यक्ति के उदाहरण हैं जो पड़ोसी की सफलता से जलते रहते हैं।
Q6. ईर्ष्या कौन करता है?
Answer: (D) उपर्युक्त तीनों
व्याख्या: ईर्ष्यालु व्यक्ति दूसरों का सुख नहीं देख सकता, उन्हें हानि पहुंचाता है और स्वयं भी सुख-संतोष से वंचित रहता है।
Answer: (D) उपर्युक्त तीनों
व्याख्या: ईर्ष्यालु व्यक्ति दूसरों का सुख नहीं देख सकता, उन्हें हानि पहुंचाता है और स्वयं भी सुख-संतोष से वंचित रहता है।
Q7. इर्ष्या का संबंध होता है
Answer: (C) भाई-बहनों से
व्याख्या: ईर्ष्या मुख्यतः अपने प्रतिद्वंदियों या समकक्ष लोगों से होती है, विशेषकर जो हमारे क्षेत्र में सफल हों।
Answer: (C) भाई-बहनों से
व्याख्या: ईर्ष्या मुख्यतः अपने प्रतिद्वंदियों या समकक्ष लोगों से होती है, विशेषकर जो हमारे क्षेत्र में सफल हों।
Q8. लेखक के अनुसार 'निंदा' की माँ है
Answer: (A) ईर्ष्या
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि निंदा की माँ ईर्ष्या है। ईर्ष्यालु व्यक्ति ही दूसरों की निंदा करता है।
Answer: (A) ईर्ष्या
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि निंदा की माँ ईर्ष्या है। ईर्ष्यालु व्यक्ति ही दूसरों की निंदा करता है।
Q9. 'तुम्हारी निंदा वही करेगा, जिसकी तुमने भलाई की है।'-किसने कहा?
Answer: (C) लेखक ने
व्याख्या: यह व्यंग्यपूर्ण उक्ति लेखक दिनकर ने कही है जो मानव स्वभाव की विडंबना को दर्शाती है।
Answer: (C) लेखक ने
व्याख्या: यह व्यंग्यपूर्ण उक्ति लेखक दिनकर ने कही है जो मानव स्वभाव की विडंबना को दर्शाती है।
Q10. 'ईर्ष्याःतू न गई मेरे मन से' शीर्षक पाठ किसकी रचना है?
Answer: (B) रामधारी सिंह 'दिनकर'
व्याख्या: यह निबंध रामधारी सिंह दिनकर की रचना है जो मानव मनोविज्ञान पर गहरी टिप्पणी करता है।
Answer: (B) रामधारी सिंह 'दिनकर'
व्याख्या: यह निबंध रामधारी सिंह दिनकर की रचना है जो मानव मनोविज्ञान पर गहरी टिप्पणी करता है।
Q11. "ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से' शीर्षक पाठ गद्य की कौन-सी विधा है?
Answer: (D) रोचक निबंध
व्याख्या: यह एक रोचक और विचारात्मक निबंध है जो हास्य-व्यंग्य के साथ गंभीर विषय पर लिखा गया है।
Answer: (D) रोचक निबंध
व्याख्या: यह एक रोचक और विचारात्मक निबंध है जो हास्य-व्यंग्य के साथ गंभीर विषय पर लिखा गया है।
Q12. वकील साहब क्यों सुखी नहीं है?
Answer: (B) ईर्ष्या वश
व्याख्या: वकील साहब अमीर होने के बाद भी सुखी नहीं हैं क्योंकि वे अपने पड़ोसी की सफलता से ईर्ष्या करते रहते हैं।
Answer: (B) ईर्ष्या वश
व्याख्या: वकील साहब अमीर होने के बाद भी सुखी नहीं हैं क्योंकि वे अपने पड़ोसी की सफलता से ईर्ष्या करते रहते हैं।
Q13. किसे लेखक ने अनोखा वरदान कहा है?
Answer: (A) ईर्ष्या को
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यपूर्वक ईर्ष्या को 'अनोखा वरदान' कहा है क्योंकि यह मनुष्य को स्वयं जलाती है।
Answer: (A) ईर्ष्या को
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यपूर्वक ईर्ष्या को 'अनोखा वरदान' कहा है क्योंकि यह मनुष्य को स्वयं जलाती है।
Q14. कौन ईर्ष्या की बड़ी बेटी है?
Answer: (C) निंदा
व्याख्या: लेखक ने कहा है कि निंदा ईर्ष्या की बड़ी बेटी है। ईर्ष्यालु व्यक्ति हमेशा दूसरों की निंदा करता है।
Answer: (C) निंदा
व्याख्या: लेखक ने कहा है कि निंदा ईर्ष्या की बड़ी बेटी है। ईर्ष्यालु व्यक्ति हमेशा दूसरों की निंदा करता है।
Q15. कौन चिता के समान है?
Answer: (B) ईर्ष्या
व्याख्या: ईर्ष्या चिता (श्मशान की आग) के समान है जो सबसे पहले उसी व्यक्ति को जलाती है जिसके मन में जन्म लेती है।
Answer: (B) ईर्ष्या
व्याख्या: ईर्ष्या चिता (श्मशान की आग) के समान है जो सबसे पहले उसी व्यक्ति को जलाती है जिसके मन में जन्म लेती है।
Q16. 'ईर्ष्यां तू न गई मेरे मन से' शीर्षक पाठ में कहा गया है जिसे किसी प्रचंड चिंता ने पकड़ लिया है, उस बेचारे को जिन्दगी हो
Answer: (C) खराब हो जाती है
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि जिसे ईर्ष्या या चिंता जैसी प्रचंड भावना ने पकड़ लिया, उसका जीवन नरक बन जाता है।
Answer: (C) खराब हो जाती है
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि जिसे ईर्ष्या या चिंता जैसी प्रचंड भावना ने पकड़ लिया, उसका जीवन नरक बन जाता है।
Q17. सही-संतुलित जीवन के प्रति एक दृष्टिकोण विकसित करने को सीख किस शीर्षक पाठ से मिलती है?
Answer: (D) ईर्ष्या: तू न गई मेरे मन से
व्याख्या: यह निबंध हमें ईर्ष्या से मुक्त होकर संतुलित और सुखी जीवन जीने का दृष्टिकोण सिखाता है।
Answer: (D) ईर्ष्या: तू न गई मेरे मन से
व्याख्या: यह निबंध हमें ईर्ष्या से मुक्त होकर संतुलित और सुखी जीवन जीने का दृष्टिकोण सिखाता है।
Q18. किनके विभव की वृद्धि से वकील साहब का कलेजा जलता है?
Answer: (C) बीमा एजेंट की
व्याख्या: वकील साहब के पड़ोसी बीमा एजेंट की संपत्ति बढ़ने से उनका कलेजा जलता है और वे ईर्ष्या से परेशान रहते हैं।
Answer: (C) बीमा एजेंट की
व्याख्या: वकील साहब के पड़ोसी बीमा एजेंट की संपत्ति बढ़ने से उनका कलेजा जलता है और वे ईर्ष्या से परेशान रहते हैं।
Q19. किसी व्यक्ति के पतन का कारण क्या होता है?
Answer: (C) झूठ बोलना
व्याख्या: सद्गुणों (अच्छे गुणों) का ह्रास किसी भी व्यक्ति के पतन का मुख्य कारण होता है। ईर्ष्या भी एक दुर्गुण है।
Answer: (C) झूठ बोलना
व्याख्या: सद्गुणों (अच्छे गुणों) का ह्रास किसी भी व्यक्ति के पतन का मुख्य कारण होता है। ईर्ष्या भी एक दुर्गुण है।
Q20. "ईर्ष्या : तू न गई मेरे मन से निबंध में हृदय पर देश के दाह को कौन भांगता है?
Answer: (C) ईर्ष्यालु व्यक्ति
व्याख्या: ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने हृदय पर देश (जलन/दाह) को अपने ही हाथों से भड़काता रहता है।
Answer: (C) ईर्ष्यालु व्यक्ति
व्याख्या: ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने हृदय पर देश (जलन/दाह) को अपने ही हाथों से भड़काता रहता है।
Q21. ईर्ष्या को क्या कहा गया है
Answer: (D) अनोखा वरदान
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यात्मक रूप से ईर्ष्या को 'अनोखा वरदान' कहा है क्योंकि यह सबसे पहले स्वयं को ही जलाती है।
Answer: (D) अनोखा वरदान
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यात्मक रूप से ईर्ष्या को 'अनोखा वरदान' कहा है क्योंकि यह सबसे पहले स्वयं को ही जलाती है।
Q22. नेपोलियन भी स्पर्धा करता था-
Answer: (B) सीजर से
व्याख्या: महान सम्राट नेपोलियन भी रोमन सम्राट सीजर (Julius Caesar) से स्पर्धा करता था।
Answer: (B) सीजर से
व्याख्या: महान सम्राट नेपोलियन भी रोमन सम्राट सीजर (Julius Caesar) से स्पर्धा करता था।
Q23. हमें नहीं होना चाहिए-
Answer: (C) ईर्ष्यालु
व्याख्या: हमें ईर्ष्यालु नहीं होना चाहिए क्योंकि यह हमारे जीवन को नरक बना देती है और सुख-शांति नष्ट करती है।
Answer: (C) ईर्ष्यालु
व्याख्या: हमें ईर्ष्यालु नहीं होना चाहिए क्योंकि यह हमारे जीवन को नरक बना देती है और सुख-शांति नष्ट करती है।
Q24. 'ईर्ष्या तु न गई मेरे मन से पाठ के लेखक हैं-
Answer: (A) रामधारी सिंह दिनकर
व्याख्या: इस निबंध के लेखक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर हैं।
Answer: (A) रामधारी सिंह दिनकर
व्याख्या: इस निबंध के लेखक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर हैं।
Q25. ईर्ष्या सबसे पहले किसे जलाती है -
Answer: (A) जिसके हृदय में उसका जन्म हो
व्याख्या: ईर्ष्या सबसे पहले उसी व्यक्ति को जलाती और कष्ट देती है जिसके हृदय में इसका जन्म होता है।
Answer: (A) जिसके हृदय में उसका जन्म हो
व्याख्या: ईर्ष्या सबसे पहले उसी व्यक्ति को जलाती और कष्ट देती है जिसके हृदय में इसका जन्म होता है।
Q26. रामधारी सिंह दिनकर का जन्म हुआ?
Answer: (C) बिहार में
व्याख्या: दिनकर का जन्म बिहार के मुंगेर जिले में 1908 में हुआ था।
Answer: (C) बिहार में
व्याख्या: दिनकर का जन्म बिहार के मुंगेर जिले में 1908 में हुआ था।
Q27. निंदा है?
Answer: (C) ईर्ष्या की बड़ी बेटी का नाम
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यपूर्वक कहा है कि निंदा ईर्ष्या की बड़ी बेटी है - जहाँ ईर्ष्या है वहाँ निंदा अवश्य होती है।
Answer: (C) ईर्ष्या की बड़ी बेटी का नाम
व्याख्या: लेखक ने व्यंग्यपूर्वक कहा है कि निंदा ईर्ष्या की बड़ी बेटी है - जहाँ ईर्ष्या है वहाँ निंदा अवश्य होती है।
Q28. लेखक रामधारी सिंह दिनकर के घर के बगल में कौन रहता है?
Answer: (A) वकील
व्याख्या: लेखक के घर के बगल में एक वकील साहब रहते हैं जो निबंध में ईर्ष्यालु व्यक्ति के उदाहरण हैं।
Answer: (A) वकील
व्याख्या: लेखक के घर के बगल में एक वकील साहब रहते हैं जो निबंध में ईर्ष्यालु व्यक्ति के उदाहरण हैं।
Q29. लेखक रामधारी सिंह दिनकर के रोचक निबन्ध ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से में किस पर टिप्पणी की गई है
Answer: (C) रोजमर्रा के व्यवहार पर
व्याख्या: इस निबंध में रोजमर्रा के जीवन और मानवीय व्यवहार में पाई जाने वाली ईर्ष्या पर गहरी टिप्पणी की गई है।
Answer: (C) रोजमर्रा के व्यवहार पर
व्याख्या: इस निबंध में रोजमर्रा के जीवन और मानवीय व्यवहार में पाई जाने वाली ईर्ष्या पर गहरी टिप्पणी की गई है।
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