प्रश्न उत्तर
👁️ मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार 🌈
BSEB Class 10 Physics - All Questions with Answers
By Sibtain Sir ⚛️
⭐ अतिलघु उत्तरीय प्रश्न - 1 अंक
प्रश्न 1
सामान्य नेत्र की स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी क्या है?
उत्तर
25 सेमी
प्रश्न 2
मानव नेत्र में कौन सा लेंस होता है?
उत्तर
उत्तल लेंस।
प्रश्न 3
प्रतिबिम्ब नेत्र के किस भाग पर बनता है?
उत्तर
रेटिना पर।
प्रश्न 4
निकट दृष्टि दोष में किस लेंस का उपयोग होता है?
उत्तर
अवतल लेंस।
प्रश्न 5
दूर दृष्टि दोष में किस लेंस का उपयोग होता है?
उत्तर
उत्तल लेंस।
प्रश्न 6
श्वेत प्रकाश में किस रंग का विचलन सबसे अधिक होता है?
उत्तर
बैंगनी रंग का।
प्रश्न 7
चंद्रमा पर आकाश का रंग कैसा दिखाई देता है?
उत्तर
काला दिखाई देता है।
प्रश्न 8
नेत्र की फोकस दूरी बदलने की क्षमता क्या कहलाती है?
उत्तर
समंजन क्षमता (Power of Accommodation)।
प्रश्न 9
पुतली के आकार को कौन नियंत्रित करता है?
उत्तर
परितारिका (Iris)।
प्रश्न 10
स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए किसका उपयोग होता है?
उत्तर
प्रिज्म का।
प्रश्न 11
नेत्र में किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब कहाँ बनता है?
उत्तर
रेटिना (Retina) पर – वास्तविक और उल्टा प्रतिबिम्ब बनता है।
प्रश्न 12
मानव नेत्र में किस प्रकार का लेंस पाया जाता है?
उत्तर
उत्तल लेंस (Convex lens)
📝 लघु उत्तरीय महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
प्रश्न 13
वर्ण विक्षेपण (Dispersion) क्या है?
उत्तर
श्वेत प्रकाश का विभिन्न (कई) रंगों में विभाजन (बंटना) होने की क्रिया वर्ण विक्षेपण कहलाता है।
प्रश्न 14
जरा-दूरदृष्टिता क्या है?
उत्तर
बढ़ती उम्र के कारण नेत्र की समंजन क्षमता अर्थात नेत्र लेंस की लचक और सिलियरी मांसपेशी की सामंजन क्षमता घट जाने के कारन आँख के द्वारा निकट बिंदु और दूर बिंदु दोनों का प्रभावित होना जरा-दूरदृष्टिता कहलाता है।
प्रश्न 15
समंजन क्षमता क्या है?
उत्तर
नेत्र की वह क्षमता जिससे वह अपनी फोकस दूरी बदलकर पास व दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है। नेत्र की समंजन क्षमता कहलाती है।
प्रश्न 16
रेलवे सिग्नल का प्रकाश लाल क्यों होता है?
उत्तर
लाल रंग का प्रकीर्णन कम तथा उस का तरंगदैर्घ्य काफी अधिक होता है, जिस के कारण लाल रंग धुंध और कोहरे में भी दूर से स्पष्ट दिखाई देता है। यही कारण है कि सिग्नल पर इसका उपयोग होता है।
प्रश्न 17
टिंडल (Tyndall Effect) प्रभाव क्या है?
उत्तर
किसी कोलाइडी विलयन में छुपे (मिले) कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना को टिंडल प्रभाव कहते हैं।
प्रश्न 18
मानव नेत्र के प्रमुख भागों के कार्य लिखें।
उत्तर
कॉर्निया: प्रकाश को प्रवेश कराता है।
आइरिस: पुतली का आकार नियंत्रित करता है।
रेटिना: प्रतिबिम्ब बनाता है।
आइरिस: पुतली का आकार नियंत्रित करता है।
रेटिना: प्रतिबिम्ब बनाता है।
प्रश्न 19
इंद्रधनुष कैसे बनता है?
उत्तर
सूर्य के प्रकाश वर्षा के बूंदों से गुजरता है तो वर्षा की छोटी बूंदें प्रिज्म जैसा व्यवहार करती है और वह प्रकाश किरणों को उस के अवयवी रंगों में बाँट (विभक्त) देता है, या अपवर्तित कर देती है जिस के फलस्वरूप (कारण) आकाश पर सात रंगों की एक अर्धवृताकार पट्टी मिलती है और इंद्र-धनुष बन जाता है या इंद्र धनुष कहलाता है।
प्रश्न 20
ग्रह क्यों नहीं टिमटिमाते?
उत्तर
ग्रह पृथ्वी के अधिक निकट होते हैं और उनका आकार बड़ा होता है, जिस के कारण आती हुई प्रकाश की किरणें असांत वायुमंडल में थोड़ा ही विचलित हो पाती अतः ग्रह टिमटिमाते नहीं दिखाई देते।
प्रश्न 21
तारे क्यों टिमटिमाते हैं?
उत्तर
वायुमंडल की विभिन्न परतों का घनत्व अलग-अलग होने से प्रकाश का बार-बार अपवर्तन होता है, जिससे तारों का प्रकाश स्थिर नहीं रहता और वे हम से बहुत दूर रहने के कारण प्रकाश का एक छोटा बिंदु स्रोत होता और उस का प्रकाश नेत्र तक स्थिर रूप में नहीं आता और तारे टिमटिमाते दिखाई देते हैं।
प्रश्न 22
दृष्टि दोष क्या है? यह कितने प्रकार का होता है?
उत्तर
जब नेत्र किसी वस्तु की सुस्पष्ट (स्पष्ट) प्रतिमा रेटिना पर नहीं बना पाता तो इस अवस्था को दृष्टि दोष (Defect of Vision) कहते हैं।
मुख्य प्रकार:
• निकट दृष्टि दोष (Myopia)
• दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia)
• जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia)
• मोतियाबिन्द (Cataract)
• निकट दृष्टि दोष (Myopia)
• दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia)
• जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia)
• मोतियाबिन्द (Cataract)
प्रश्न 23
निकट दृष्टि दोष और दीर्घ दृष्टि दोष क्या हैं? इन रोगों का कारण एवं निवारण लिखे?
उत्तर
निकट दृष्टि दोष: नेत्र का वह दोष जिस में नेत्र पास की वस्तु स्पष्ट देखता है लेकिन दूर वस्तु को स्पष्ट नहीं देख पाता है।
कारण: नेत्रगोलक का सामान्य से लंबा होना, नेत्र लेंस की फोकस दूरी कम हो जाना।
प्रतिबिम्ब: रेटिना से पहले बनता है।
उपचार: इसका निवारण अवतल लेंस द्वारा किया जाता है।
कारण: नेत्रगोलक का सामान्य से लंबा होना, नेत्र लेंस की फोकस दूरी कम हो जाना।
प्रतिबिम्ब: रेटिना से पहले बनता है।
उपचार: इसका निवारण अवतल लेंस द्वारा किया जाता है।
दीर्घदृष्टि दोष: नेत्र का वह दोष जिस में नेत्र दूर की वस्तु साफ देखता पाता है लेकिन पास की वास्तु को साफ – साफ नहीं देख पाता।
कारण: नेत्रगोलक का छोटा होना, नेत्र लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाना।
प्रतिबिम्ब: रेटिना के पीछे बनता है।
उपचार: इसका निवारण उत्तल लेंस से किया जाता है।
कारण: नेत्रगोलक का छोटा होना, नेत्र लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाना।
प्रतिबिम्ब: रेटिना के पीछे बनता है।
उपचार: इसका निवारण उत्तल लेंस से किया जाता है।
प्रश्न 24
मोतियाबिंद (Cataract) क्या है?
उत्तर
जब नेत्र का लेंस धीरे-धीरे धुंधला एवं अपारदर्शी हो जाता है, तो इस स्थिति को मोतियाबिंद कहते हैं। इसमें व्यक्ति को वस्तुएँ धुंधली दिखने लगती हैं।
उपचार: प्रायः सर्जरी द्वारा धुंधले लेंस को हटाकर उसकी जगह नया लेंस लगाया जाता है।
📚 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न - 5 अंक
प्रश्न 25
सूर्योदय और सूर्यास्त का आभासी समय लगभग 4 मिनट क्यों होता है? — स्पष्ट व्याख्या करें।
उत्तर
जब सूर्य क्षितिज के पास होता है, तब उसकी किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती हैं और मुड़ जाती हैं।
इस कारण सूर्य हमें वास्तविक स्थिति से कुछ पहले दिखाई देने लगता है (सूर्योदय पर) और कुछ देर बाद तक दिखाई देता रहता है (सूर्यास्त पर)। यह समय लगभग 4 मिनट का होता है अतः इसे सूर्योदय और सूर्यास्त का आभासी समय समझा जाता है।
इस कारण सूर्य हमें वास्तविक स्थिति से कुछ पहले दिखाई देने लगता है (सूर्योदय पर) और कुछ देर बाद तक दिखाई देता रहता है (सूर्यास्त पर)। यह समय लगभग 4 मिनट का होता है अतः इसे सूर्योदय और सूर्यास्त का आभासी समय समझा जाता है।
नोट: इसके कई कारण हो सकते
• वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction)
• सूर्य का कोणीय व्यास, पृथ्वी का घूर्णन
• वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction)
• सूर्य का कोणीय व्यास, पृथ्वी का घूर्णन
प्रश्न 26
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य लाल (रक्ताभ) क्यों दिखता है?
उत्तर
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय वायुमंडल से होकर सूर्य के प्रकाश अधिक दूरी तय करता है और लाल रंग का तरंगदैर्ध्य अधिक होता है, इसलिए इसका प्रकीर्णन कम होता है जबकि दोसरे रंग का प्रकीर्णन अधिक हो जाता और लाल हमारी आंखों तक पहुंच जाता है, जिससे सूर्य लाल दिखाई देता है।
प्रश्न 27
वर्ण विक्षेपण (Dispersion) क्या है?
उत्तर
जब श्वेत प्रकाश किसी माध्यम (जैसे काँच के प्रिज्म) से गुजरकर अपने घटक (अवयवी) रंगों में विभाजित (बंट) हो जाता है, तो इस घटना को वर्ण विक्षेपण (Dispersion of Light) कहते हैं।
प्रश्न 28
🌈 चित्र: प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का विक्षेपण
प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश के विक्षेपण को समझाइए।
उत्तर
जब श्वेत प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है तो सात रंगों में विभाजित हो जाता है, तो इस घटना को वर्ण विक्षेपण (Dispersion of Light) कहते हैं।
प्रिज्म में प्रत्येक रंग का अपवर्तनांक अलग होता है – बैंगनी का अपवर्तन अधिक, लाल का अपवर्तन कम। इसलिए प्रिज्म से निकलने पर श्वेत प्रकाश VIBGYOR (बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) के रूप में फैल जाता है, जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं।
प्रिज्म में प्रत्येक रंग का अपवर्तनांक अलग होता है – बैंगनी का अपवर्तन अधिक, लाल का अपवर्तन कम। इसलिए प्रिज्म से निकलने पर श्वेत प्रकाश VIBGYOR (बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) के रूप में फैल जाता है, जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं।
प्रश्न 29
📐 चित्र: प्रिज्म से प्रकाश का अपवर्तन और विचलन कोण
प्रिज्म से होकर प्रकाश के अपवर्तन का नामांकित किरण आरेख खींचें तथा विचलन कोण दिखाएँ।
उत्तर
प्रश्न 30
👁️ चित्र: मानव नेत्र की संरचना (नामांकित)
मानव नेत्र का नामांकित चित्र बनाइए और इसके प्रमुख भागों – कॉर्निया, परितारिका, पुतली – के कार्य लिखिए।
उत्तर
1. कॉर्निया (Cornea): नेत्र का सबसे आगे स्थित पारदर्शी वक्र सतह। प्रकाश की किरणें सबसे पहले इसी से होकर नेत्र में प्रवेश करती हैं।
2. परितारिका (Iris): कॉर्निया के पीछे स्थित रंगीन भाग। यह पुतली के आकार को बदलकर नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
3. पुतली (Pupil): परितारिका के बीच का गोल छिद्र। यह प्रकाश को नेत्र के अंदर जाने का मार्ग प्रदान करती है, कैमरे के डायफ्राम की तरह कार्य करती है।
2. परितारिका (Iris): कॉर्निया के पीछे स्थित रंगीन भाग। यह पुतली के आकार को बदलकर नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
3. पुतली (Pupil): परितारिका के बीच का गोल छिद्र। यह प्रकाश को नेत्र के अंदर जाने का मार्ग प्रदान करती है, कैमरे के डायफ्राम की तरह कार्य करती है।
प्रश्न 31
🔬 चित्र: न्यूटन का प्रयोग - श्वेत प्रकाश का पुनर्संयोजन
श्वेत के प्रकाश का सात रंगों से मिलकर बन्ने की क्रिया विधि का सचित्र वर्णन करें।
उत्तर
श्वेत प्रकाश सैब रंगों के मिलने से बना है की क्रिया को प्रसिद्ध वैज्ञानिक न्यूटन सिद्ध कर के दिखलाया –
न्यूटन ने दो प्रिज्म को चित्र के अनुसार रखा। जब उन्होंने पहले प्रिज्म से श्वेत प्रकाश को गुजारा तो पाया के पहले प्रिज्म के दोसरे ओर सात रंग का स्पेक्ट्रम प्राप्त हो रहा है उन्होंजब स्पेक्ट्रम के माध्यम दोसरे प्रिज्म को उलटे दिशा में रखा तो पाया के आगे पर्दे पर पुनः श्वेत प्रकाश प्राप्त हुआ।
न्यूटन ने दो प्रिज्म को चित्र के अनुसार रखा। जब उन्होंने पहले प्रिज्म से श्वेत प्रकाश को गुजारा तो पाया के पहले प्रिज्म के दोसरे ओर सात रंग का स्पेक्ट्रम प्राप्त हो रहा है उन्होंजब स्पेक्ट्रम के माध्यम दोसरे प्रिज्म को उलटे दिशा में रखा तो पाया के आगे पर्दे पर पुनः श्वेत प्रकाश प्राप्त हुआ।
👁️ © 2025 Padho India Hub 🌈
Prepared by Sibtain Sir
For more study materials: PadhoIndiaHub.com
🔬 All diagrams included 📚
